कल रात मैंने सोंचा तुम्हें अपनी शायरी में लिख देता हूँ पर जब लिखने बैठा तुम तो ग़ज़ल बन गयी। अपनी डायरी में तुम्हारा न…
Read moreफ़ुर्सत अगर होता तो हक़ीकत बयान करते, बातों से नही अपनी नगमों से दास्तान कहते, ज़िंदगी की इस भीड़ ने दो राहे पर खड़ा कर दिया वरना, मं…
Read moreये परिंदे जो उड़ने को बेताब हैं, उनके ये पर तुम क्यूँ काटते हो. ये बच्चे जो एक-एक दाने को मोहताज़ है, उनके बीच ये जूठन क्यूँ बाँटते…
Read moreकि कोई आए तो आए कैसे, मुझको भाए तो भाए कैसे. अपना बनाए तो बनाए कैसे, हम दिल लुटाएं तो लुटाएं कैसे. कोई खुश्बू महकाय तो महकाय कैसे, …
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