कि कोई आए तो आए कैसे, मुझको भाए तो भाए कैसे. अपना बनाए तो बनाए कैसे, हम दिल लुटाएं तो लुटाएं कैसे. कोई खुश्बू महकाय तो महकाय कैसे, …
Read moreढूँढ रहा था जिस पल को उसमे होकर लौटा हूँ, मैं मुसाफिर हूँ यारो सब कुछ खोकर लौटा हूँ, और तुम क्या जानोगे अदब मेरी दीवानगी का, उसके …
Read moreऐ खुदा कैसा वो मंज़र होगा, जब सारा समंदर बंज़र होगा, लोग तरसेंगे एक एक बूँद को, तब तू ही जहाँ का सिकंदर होगा. © नीतीश तिवारी
Read moreआसमाँ में तारे बहुत हैं, मेरे लिए सहारे बहुत हैं. तुझे क्या खबर ओ ज़ालिम, तेरी जुल्फों के नज़ारे बहुत हैं. © नीतीश तिवारी
Read moreअब और नहीं कर सकता मैं इंतज़ार, क्यूंकि मुझे हो गया है तुझसे प्यार, तुम भी आ जाओ कर लो इकरार, नहीं तो फिर से आ जायेगा वो इतवार। …
Read moreपत्ते बिखर गये हैं, आओ इनको समेट लें, हुनर निखर गये हैं, आओ इनको सहेज लें. रिश्ते बिगड़ गये हैं, आओं इनको बना लें. अपने बिछड़ …
Read moreखुशियों की बहार है, रंगों की बौछार है, फिर से आया , …
Read moreफ़ुर्सत में मैं ग़ज़ल लिखता हूँ, तेरी यादों का एक सफ़र लिखता हूँ. वो वक़्त जो थम सा गया था कभी, उस वक़्त की रगुजर लिखता हूँ. …
Read moreपल भर में शबनम,पल भर मे शोला, शातिर तू है और मैं कितना भोला. पतझड़ मे सावन और सावन मे बारिश, तू है जैसे मेरे बरसों की ख्वाहिश. …
Read moreनज़र नज़र में तेरा असर है, बाकी सब तो बेअसर है , तुझे मैं देखूँ जिस गली में, उसी गली में मेरा भी घर है। सुरूर तो मोहब्बत का था , …
Read moreYes it’s like a dream come true for me. I have lived with this dream for last eight years when I was in 12 th standard. At that tim…
Read moreअगर तुम ना होती तो... ये गुलाब ना होता,ये शबाब ना होता. ये झरने ना होते, ये भँवरे ना होते, ये नदियाँ ना होती, ये वादियाँ ना ह…
Read moreये तेरा रूप ही तो है, जिसे मैं बार-बार निहारता हूँ. तेरे चेहरे की ये लालिमा, जब मेरे आँखों मे ओझल हो जाती हैं। तो हर बार बहक जा…
Read moreभरोसा रूह का होता तो मोहब्बत मुकम्मल होता , पर उसने दीवानगी भी दिखायी तो सिर्फ जिस्म के खातिर। क़त्ल करने की अदा से बखूबी वाकिफ …
Read moreआज मेरे ब्लॉग को पूरे दो साल हो गये हैं . 2014 में अत्यधिक व्यस्तता की वजह से कुछ कम लिख पाया. इस वर्ष कोशिश करूँगा की ज़्यादा से ज़्यादा …
Read moreअब भी आरजू है तुझे सँवरने की, पर वक़्त को आदत नही है ठहरने की , अब भी चाहत है मेरी तड़पने की , तेरी हर एक साँसों में महकने की,…
Read moreक़र्ज़ चुकाने से पहले हिसाब तो दे दूँ, फ़र्ज़ निभाने से पहले जवाब तो दे दूँ, दिन ढल जाने से पहले इकरार तो कर लूँ, तुझे बेवफा हो ज…
Read moreआरज़ू दिल में दबाए फिरते हैं, अपना तुम्हे हम बनाए फिरते हैं, …
Read moreदोस्तों मैने "स्वच्छ भारत अभियान" के तहत प्रत्येक रविवार को अपने गाँव में सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है . इसी के तहत आज पहल…
Read moreसुंदर वन चंचल चितवन, और तुम्हारा ये भोलापन. वाह क्या बात है! होठों पर लाली, तेरी चाल मतवाली, और मेरा जेब खाली. वाह क्…
Read moreआज कयामत की रात है, और तुम भी हो. आज बग़ावत वाली बात है, और तुम भी हो. आज उलझे हुए ज़ज्बात हैं, और तुम भी हो. आज बिखरे से हालात …
Read moremanzil to milegi khud hi sahi, raasta to tumhe hi banana padega, pure honge armaan sare tere, ummed ki kiran jagana padega. raah…
Read moreघर से बाहर जब मैं धूप में निकला, सारा खजाना उसकी संदूक में निकला, कहता फिरता था की मैं पाक साफ हूँ, दुनिया का सबसे बड़ा रसूख…
Read moreपूरे देश में दशहरा व दुर्गा पूजा का पर्व हर्षौल्लास के साथ मनाया जा रहा है. मेरे गाँव में भी हमेशा की तरह माँ दुर्गा का भव्य पंडाल लगा है और …
Read moreउसे अपनी शायरी में वजन लाना था, इसलिए उस बेवफा ने हमें सरेआम कर दिया, लोग पूछते रहते थे मोहब्बत की दास्तान, आज मेरी मोहब्बत को उ…
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