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Showing posts from September, 2020

मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है।

  दिल को फिर से तोड़ने का हौसला कर लिया है, रोजाना मोहब्बत करने का फैसला कर लिया है, तुम कहते हो इश्क़ के समंदर में मैं डूब जाऊँगा, किनारों से कह दो, मैंने उनसे फ़ासला कर लिया है। Dil ko phir se todne ka hausla kar liya hai, Rojana mohabbat karne ka faisla kar liya hai, Tum kahte ho ishq ke samandar mein main doob jaunga, Kinaron se kah do, maine unse fasla kar liya hai. ©नीतिश तिवारी।

ख़त में महकते हुए फूल मज़ार तक पहुँच गए।

  Pic credit: Google. अरमानों की अर्थी को ख्वाबों की चिता पर सुलाती है, ज़िन्दगी कुछ नहीं कर पाती जब मौत बेवक़्त आती है। टूटे नाव की सवारी करके  दरिया पार करने से, ज़िन्दगी दूर चली जाती है, मौत अपने पास बुलाती है। हिज़्र की फिक्र तब नहीं थी जब वस्ल ने दामन थामा था, अब जो कारवाँ उजड़ गया तो ज़िन्दगी कहाँ रह जाती है। बाग से फूल निकले, ख़त में महकते हुए मज़ार तक पहुँच गए, पर अब भी उसके यादों की खुशबू इस दिल को बहुत सताती है। ©नीतिश तिवारी।

अपने दूर हो रहे हैं।

अतीत के जख्म,  भविष्य के सुनहरे ख़्वाब, ज़िन्दगी में हैं कई सवाल, जिसके ढूँढने हैं हमें जवाब। उम्र लंबी होती जा रही, परछाईं छोटे हो रहे हैं, सौतेला व्यवहार है ये किसका, अपने दूर हो रहे हैं। ©नीतिश तिवारी।

वस्ल का इंतज़ार मत कर।

अंधेरों का बोलबाला है, रौशनी का इंतज़ार मत कर, तू टूटी हुई नाव में कभी दरिया पार मत कर, जिसके हिज़्र में तुमने तमाम गज़लें लिख डालीं, ऐसे शख्स से कभी वस्ल का इंतज़ार मत कर। Andheron ka bolbala hai, raushni ka intzaar mat kar, Tu tooti huyi naaw mein kabhi dariya paar mat kar, Jiske hizr mein tumne tamaam gazalen likh dali, Aise shaksh se kabhi wasl ka intzaar mat kar. ©नीतिश तिवारी।  

इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो...

Pic credit: Google. सिर्फ़ पा लेना ही प्यार नहीं, उसे मरते दम तक चाहना भी प्यार है। ये बात कहने वाले ये नहीं समझ पाते कि उस चाहत में तड़प ज्यादा होती है। तड़प होती है किसी और के लिए उसे मुस्कुराते देखते हुए। तड़प होती है जब वो किसी और की बाहों से लिपटकर उससे मोहब्बत करती है। चाहत और मोहब्बत के बीच के फर्क को सिर्फ़ वो आशिक़ बयाँ कर सकता है जिसने आठों पहर, बारह मास, अब भी उसे पाने के ख़्वाब देखता है। आशिक़ को फर्क ही नहीं पड़ता कि वो किसी और की हो चुकी है। शायद इसलिए कि उसने उसे तन से तो जुदा हो जाने दिया लेकिन अपने मन से कभी निकाल नहीं पाया। भूलकर करता भी तो क्या? इश्क़ का नाम अगर भूलना होता तो इश्क़ की दास्तानें ना होतीं। वफ़ा अगर इतना खुदगर्ज़ होता तो आशिक़ इतने दिवाने ना होते। ©नीतिश तिवारी। पोस्ट पसंद आयी हो तो इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं। @poetnitish  

वक़्त का हिसाब देखो।

  सो जाओ और तुम ख़्वाब देखो, नींद में भी खिलता गुलाब देखो, मोहब्बत का मंजर बदल गया तो क्या, वक़्त आने दो और वक़्त का हिसाब देखो। So jao aur tum khwab dekho, Neend mein bhi khilta gulab dekho, Mohabbat ka manjar badal gaya toh kya, Waqt aane do aur waqt ka hisaab dekho. ©नीतिश तिवारी। इंस्टाग्राम पर फॉलो करिये। @poetnitish

जब सीख लेना इश्क़।

  Pic credit: Google . जब देखना मुझे तो किसी और को ना देखना, जब चाहना मुझे तो सिर्फ मुझे ही चाहना, इस उम्र में अक्सर हो जाया करती हैं नादानियाँ, जब सीख लेना इश्क़ तो किसी और से मत करना। Jab dekhna mujhe toh kisi aur ko na dekhna, Jab chahna mujhe toh sirf mujhe hi chahna, Iss umr mein aksar ho jaya karti hain nadani ham, Jab seekh lena ishq toh kisi aur se mat karna. आप सभी को हिन्दी दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएँ। ©नीतिश तिवारी।

तुझमें मेरा कुछ नहीं।

                                             Pic credit : pinterest.       तुझमें मेरा कुछ नहीं तो        बस इतना ही एहसान कर दे,     जो इश्क़ किया था तुझसे      उसको अब वापस कर दे।        मैं सहेज लूँगा तेरी यादों को,       दिल में रखूँगा तेरी बातों को        नींद आये मुझे या ना आये,        मैं रोज देखूँगा उन ख्वाबों को।        ©नीतिश तिवारी। Please like my facebook page. facebook.com/poetnitish    

उसको तुम बता देना...

निभा सको तो मेरा किरदार निभा देना, जता सको तो तोड़ा प्यार जता देना, इस नाउम्मीद जिंदगी में तुमसे है उम्मीद ज़रा, तड़पू जो किसी की ख़ातिर तो उसको तुम बता देना. ©नीतिश तिवारी। Ye bhi padhiye:  My letter to Dhoni  

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