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Showing posts from July, 2020

मोहब्बत में तुम कुछ यूँ भीग जाना।

Pic credit: Pinterest. सुलझाना उसकी जुल्फ़ों को और बगिया से फूल भी ले आना गजरे की महक साँसों में समाएगी और याद आएगा उसका मुस्कुराना कोयल की कू कू और उसके होठों की हलचल शोर मचाएगी तो  अपने दिल  को संभालना भीगे बदन में  ठिठुरन जो होगी मीठा सा दर्द होगा उसे तुम सह जाना ये सावन का मौसम और बारिश की बूँदें मोहब्बत में तुम कुछ यूँ भींग जाना ©नीतिश तिवारी।                         

कोई किसी का ना हुआ, कोई सबका हो गया।

खुशियों की आस थी, गम दरवाजे पर दस्तक दे गया। हमने किसी का बुरा ना चाहा, फिर भी हमारे साथ बुरा हो गया। कहते हैं लोग कि यही किस्मत का खेल है। कोई किसी का ना हुआ, कोई सबका हो गया। Khushiyun ki aas thi, Gham darwaje par dastak de gaya. Humne kisi ka bura na chaha, Phir bhi humare saath bura ho gaya. Kahte hain log ki  yahi kismat ka khel hai. Koi kisi ka naa hua, Koi sabka ho gaya. ©नीतिश तिवारी।

आलसी लोग आखिर इतने स्वैग में क्यों रहते हैं?

Pic credit: pinterest. आलसी लोगों का ना अपना अलग ही स्वैग रहता है। उनके लिए तो ऐसा है कि टेबल पर पानी रखकर दे दो उसमें भी वो लोग straw घुसेड़ कर पीना पसंद करते हैं। मेरा एक फ्रेंड तो कॉलेज के दिनों में हर एक एग्जाम में दो तीन सवाल तो ऐसे ही छोड़ देता था। भले ही उसका जवाब उसे आता हो और टाइम भी बचा हो। पूछने पर बोलता कि, "यार लिखने को मन ही नहीं कर रहा था और पास होने जितना तो लिख ही दिया है।" हमारे गाँव में एक जरऊ बाबा हैं। जरऊ नाम उनका बचपन से ही है काहे कि बाबा जी (तब बाबा नहीं थे) बचपन में टायर को जला कर होलिका दहन कर रहे थे। ज्यादा जोश में आ गए और हाथ जला बैठे। तभी से उनका नाम जरऊ पड़ गया। इनके बारे में फेमस है कि ये इतने आलसी हैं, इतने आलसी हैं कि सिर्फ 14 जनवरी और 14 अप्रैल को ही नहाते हैं। गाँव के आलसी लौंडे जरऊ बाबा को अपना गुरु और आदर्श मानते हैं। ऐसे ही लौंडों के लिए आजकल लूना में भी सेल्फ स्टार्ट आने लग गया है। और यही लौंडे आजकल सिगरेट भी होम डिलीवरी से मँगाने लगे हैं।  मेरी पुरानी वाली गर्लफ्रेण्ड तो इतनी आलसी थी कि उसे जब भी कोई गिफ़्ट देना होता था तो लिफ़ाफ़े में पैसे ह

Ajab gazab facebook status.

Pic credit: pinterest. Ajab gazab facebook status. Toh chaliye dosto aaj baat karte hain ajab gazab facebook status ya post ke baare mein. Ek bande ne picture post kiya aur caption likha: "eating egg burger" ab ye andewala burger kaun sa hota hai ye toh MacDonald walo se hi poochhna padega. Read Also :  Free advice dene walo ke liye ek advice. Ek ne apna picture post kiya jismen background mein JCB se mitti ki khudai ho rahi thi. Aur caption pata h kya tha: "I'm busy in earth cutting." Iski angrezi padhke toh aisa laga jaise ki wo kahawat hai na ki angrez chale gaya aur apni chaddi chhod gaye. Toh wo kewal chaddi hi nahi balki poora pant shirt aur apna poora wardrobe bhi chhod gaye the. Ek ne toh apne bete ke birthday ki pic lagakar caption likha ki celebrating sun birthday. Son ki spelling SUN thi. After reading this I was like "english hum sharminda hain, tere qa atil zinda hain". Aur ek sabse famous wala toh aaplog jaante hi hain . "Cele

ऐ इश्क़ तेरे ख़ातिर।

Pic credit: pinterest. बेवफ़ाई उसकी बड़ी थी इश्क़ मेरा बौना हो गया, इस तरह खेला उसने कि दिल मेरा खिलौना हो गया। Bewfai uski badi thi ishq mera bauna ho gaya, Iss tarah khela usne ki dil mera khilauna ho gaya . कभी अपनी तक़दीर को कोसते फिर उसकी तस्वीर को देखते, ऐ इश्क़ तेरे ख़ातिर हमने क्या क्या नहीं देखा। Kabhi apni taqdeer ko koste phir uski tasveer ko dekhte, Aie ishq tere khatir humne kya kya nahi dekha. ©नीतिश तिवारी।

कुछ दिन की बातें, कुछ रात के तराने।

Pic credit: pinterest. वो रात नहीं गुजरी वो दिन भी नहीं ढला है वो आदमी तो अच्छा था लोग ही कहते बुरा भला हैं। ................................. मेरे हिस्से में आएगी तो बताऊँगा, वो सुकून है साहब सबके पास नहीं आती। नींद आ गयी तो  सो जाऊँगा, ये रात है साहब, यूँ ही नहीं गुजर जाती। ................................ कुछ दिन की बातें कुछ रात के तराने मैंने लिखे अपने हालात के अफ़साने तुम्हें फुर्सत मिले तो कभी पढ़ भी लेना कैसे हुए थे हम तेरे इश्क़ में दिवाने। ©नीतिश तिवारी।

युद्ध फ़तह किया है जिसने।

Pic credit: Google. उसकी प्रतिमा के प्रतिबिम्बों से, धधक रही थी ऐसी ज्वाला। शूरवीर था वह योद्धा था, उठा लिया था उसने एक भाला। दुश्मन की छाती पर चढ़के, नृत्य सदा करने वाला। एक समय ऐसा भी आया, रक्तरंजित शरीर कर डाला। अपनी भुजाओं के दम से, उसने खोला जंज़ीर का ताला। भस्म हुए हैं लोग कहर से, सबका शरीर पड़ गया है काला। बाहुबली है कहते उसको, वो है कितनों का रखवाला। युद्धभूमि फ़तह किया है जिसने, उसको पहनाते हैं फूलों की माला। ©नीतिश तिवारी।

कभी तन हारा कभी मन हारा।

Pic credit: Google. कभी तन हारा कभी मन हारा एक प्रेम प्रतिज्ञा के ख़ातिर सौंदर्य का सुमन हारा। प्रेम के बिछोह से कौन यहाँ जीत  पाया है आँसुओं की धार में सब कुछ बह जाया है। ©नीतिश तिवारी।

सोलह सोमवार किया है तेरे लिए।

Pic credit: pinterest. साजो श्रृंगार किया है तेरे लिए, दिल अपना हार दिया है तेरे लिए, अब देर ना करो आ जाओ साजन, सोलह सोमवार किया है तेरे लिए। Sajo shringaar kiya hai tere liye, Dil apna haar diya hai tere liye, Ab der naa karo aa jao sajan, Solah somwaar kiya hai tere liye. ©नीतिश तिवारी।

दर्द में लिखता हूँ ग़ज़ल।

Pic credit: pinterest. स्याही को अपना बनाया, शब्दों को हमराही, तब जाकर निकली है, अच्छी भली एक शायरी। काव्य में उपजे भाव को, सम्मान देता है रचयिता, तब जाकर बनती है, सुंदर सी एक कविता। मोहब्बत में पड़ती है, जब जब कोई खलल, बना लेते हैं हम भी, दर्द भरी एक ग़ज़ल। सबके पास होता है, कहने को कुछ जवानी में, फिर किरदार उभरकर आते हैं, उस शख्स की कहानी में। ©नीतिश तिवारी।

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