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Showing posts from June, 2020

मैं ज़िद्दी बहुत था।

थोड़ा रुका, फिर चल दिया, मंज़िल वही रही पर, रास्ता बदल दिया। कश्मकश में था तुम्हें, बता दूँ दिल का हाल, कहीं फिर से ना, रास्ता भटक जाऊँ, इसलिए इरादा बदल दिया। हर मोड़ पर लोगों ने कोशिश की, मुझे रोकने की, मैं ज़िद्दी बहुत था,  बस मंज़िल की ओर चल दिया। ©नीतिश तिवारी।

दावत-ए-इश्क़ की ख़ातिरदारी।

दावत-ए-इश्क़ की ख़ातिरदारी करने वाले, मोहब्बत की रस्म निभाने को कहते हैं, गैरों की महफ़िल में हमें बुलाकर, उन्हीं के सामने हमें आज़माते हैं। Dawat-e-ishq ki khatirdari karne wale, Mohabbat ki rasm nibhane ko kahte hain, Gairon ki mehfil mein humen bulakar, Unhin ke samane humen aazmate hain. ©नीतिश तिवारी।

क्योंकि खुश रहना है जरूरी...

Pic credit: pinterest. संसार की मोहमाया के आगे व्यर्थ है ये सुंदर काया। तन स्वस्थ रखना जरूरी है पर उससे भी ज्यादा जरूरी मन की शांति है। अपने आस पास कुछ लोग ऐसे होने चाहिए जिससे आप बिना किसी झिझक के अपने दिल की बात कह सकें। अवसाद कब आपका दामन थाम ले कुछ कहा नहीं जा सकता। इंसानी दिमाग ऐसा है कि जरा सी परेशानी से हम घबरा जाते हैं और धीरे धीरे यही घबराहट डिप्रेशन का रूप ले लेती है।  ये वक़्त वाकई बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम सब खुश रहें और अपने घर परिवार यार दोस्तों का भी ख्याल रखें। प्रभु सबका कल्याण करें। ©नीतिश तिवारी।

आओ करें फिर प्रेम मिलन।

Pic credit: Google. पवित्र समय का प्रेम मिलन अपराधबोध कैसे हुआ। जब दोनों की सहमति थी फिर ये अवरोध कैसे हुआ। क्यों मन तेरा लगता नहीं मेरा भी कुछ अच्छा नहीं संदेह दृष्टि है लोगों की हमने तो कुछ गलत किया नहीं। जीवन मरण के चक्कर से मुक्त होना है तुम्हें अगर आओ करें फिर प्रेम मिलन कब तक रहोगे दूर सजन। ©नीतिश तिवारी।

हमसे किया है हमीं पर आज़माना।

Pic credit : Pinterest. हमसे किया है हमीं पर आज़माना मोहब्बत की बातें किसी और को ना बताना। चंदा सूरज सब नाराज़ हो जाएंगे जब मैं कहूँ तब ही अपना घूँघट उठाना। शर्म हया सब तुम्हारे ही तो गहने हैं किसी गैर के सामने यूँ बेवजह ना आना। मेरे दिल की धड़कन अब गवाही देती है वक़्त रहते तुम सिर्फ मेरा हो जाना। ©नीतिश तिवारी।

खुद को राजा तुम्हें रानी कहूँगा।

Pic credit: Google. प्रेम में साथ दोगी तो मैं खुद को राजा और तुम्हें  अपनी रानी कहूँगा। अगर जुदा हो गयी मुझसे तो खुद को फ़कीर फिर भी तुम्हें रानी कहूँगा। मेरा प्रेम इतना कमजोर नहीं है कि तुम्हें दी हुई रानी की उपाधि तुमसे छीन लूँ। Prem mein saath dogi Toh main khud ko raja Aur tumhen Apni rani kahunga. Agar juda ho gayi Mujhse toh khud ko Fakir phir bhi Tumhen rani kahunga. Mera prem itna kamjor Nahi hai ki tumhen di hui Rani ki upadhi Tumse chhin loon. ©नीतिश तिवारी।

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