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Showing posts from November, 2019

मेरी पहली किताब- फिर तेरी याद आई।

2013 में जब इस ब्लॉग का निर्माण किया था और लेखन शुरू किया था तो कभी नहीं सोचा था कि एक किताब भी लिखूँगा।  मेरी पहली किताब ' फिर तेरी याद आई ' को मैंने इसी वर्ष सितम्बर के महीने में अमेज़न किंडल पर पब्लिश किया था। बड़े हर्ष के साथ आपको सूचित कर रहा हूँ कि मेरी किताब अब पेपरबैक फॉर्मेट में भी उपलब्ध है। Notion Press ने इसे छापा है। इसके लिए इनका आभार व्यक्त करता हूँ।  लेखन के क्षेत्र में उत्साह बढ़ाने के लिए सभी पाठकों, मित्रों  और रिश्तेदारों का शुक्रिया। एक रोमांटिक फ़िक्शन उपन्यास पर भी काम कर रहा हूँ। उसके लिए भी आप सभी का आशीर्वाद चाहूँगा।  आप किताब यहाँ से आर्डर कर सकते हैं। धन्यवाद। https://amzn.to/2Y41Pzx ©नीतिश तिवारी।

Tum kya jano

Pic credit : Pinterest. तुम क्या जानों आशिक़ कैसे दिल को समझाते हैं, दिल टूटने पर आँसुओं की बारिश से भींग जाते हैं, लोग बेवफ़ाई के चर्चे कितने भी करें मगर, उस बेवफ़ा का नाम कभी जुबाँ पर नहीं लाते हैं। Tum kya jano ashiq kaise dil ko samjhate hain, Dil tootne par aasuon ki barish se bheeg jate hain, Log bewfai ke charche kitne bhi karen magar, Us bewfa ka naam kabhi juban par nahin laate hain. ©नीतिश तिवारी।

तुम्हारी ख्वाहिशें और मेरे सपने।

pic courtesy: pinterest तुम्हारी ख्वाहिशें और मेरे सपने। सर्दी नहीं पड़ रही है इस बार, जानती हो क्यों? क्यूँकि हमारे रिश्तों में गर्माहट नहीं है। तुम्हारे खयाल, तुम्हारी ख्वाहिशें, तुम्हारे उसूल, सब वाज़िब हैं। लेकिन मेरे सपनों की तिलांजली देकर तुम्हें ख़्वाब देखने का कोई हक़ नहीं है। मेरे अरमानों की चिता जलाकर तुम अपनी ख्वाहिशें पूरा नहीं कर सकती। रेल की पटरियों की तरह बनने की कोशिश मत करो। बनना है तो समंदर बनो जिसमें तुम्हारी ख्वाहिशों की गहराई होगी और उस गहराई में डूबकर मैं अपने सपनों को पूरा कर सकूँगा। बस इतना ही।  Love You  ‌©नीतिश तिवारी। ये भी पढ़िए:  सौंदर्य की साधना।

मैं भी अधूरा...

Pic courtesy: Pinterest. गीत। मैं भी अधूरा जीने लगा हूँ, तेरे ही खयालों में, बढ़ने लगी है उलझन मेरी, तेरे ही सवालों में। तुझे पाने की चाहत मेरी, अपना बनाने की आदत मेरी, बड़ी मुश्किल है कैसे बताएँ, तू ही है अब राहत मेरी। मैं भी अधूरा... जीना मैं तो तुझसे सीखा, हर बारिश में मैं हूँ भीगा, चैन मुझे मिल जाए अब तो, दर्द लगे है अब ये मीठा। मैं भी अधूरा .... ©नीतिश तिवारी।

Dard Shayari.

महकती हुई ख़त में, मुरझाया वो गुलाब होगा, जो आने वाला कल है वो लाजवाब होगा, तुझे देखना है बहुत कुछ अभी ज़िन्दा रह, तेरे दिए हुए एक एक दर्द का हिसाब होगा। Mahakti hui khat mein murjhaya wo gulab hoga, Jo aane wala kal hai wo lajawab hoga, Tujhe dekhna hai bahut kuch abhi zinda rah, Tere diye huye ek ek dard ka hisaab hoga. ©नीतिश तिवारी।

सौंदर्य की साधना।

Pic credit: Pinterest. सौंदर्य की साधना। काली घटा है घनघोर, बिजली का भी है शोर, सियाह-रात ऐसी है कि, मन व्याकुल है विभोर। पंख नहीं है उड़ने को, होश नहीं है चलने को, वो लथपथ है हुआ बेहाल, साँस आयी है रुकने को। पथ पर चलना गिरकर उठना, करता रहा सौंदर्य की साधना, आँसू उसके ऐसे बहते, जैसे कोई गिरता हुआ झरना। कर्म की ज्योत जलाने को, निकला था भवसागर पार, भाग्य की रेखा ऐसी पलटी, खत्म हो गया जीवन संसार। ©नीतिश तिवारी। ये भी देखिए।

अयोध्या पधारे प्रभु श्रीराम।

फिर से होगा अब कल्याण, अयोध्या पधारे प्रभु श्रीराम। धैर्य की अग्निपरीक्षा थी, प्रभु की यही इच्छा थी। राम को काल्पनिक बताने वाले, लोग थे भोले और नादान। असत्य पर सत्य की विजय हुई, अब होगा भव्य मंदिर निर्माण। श्रीराम करेंगे सबका बेड़ा पार, प्रेम से बोलो जय श्री राम। आप सभी को मंदिर निर्माण की बहुत सारी शुभकामनाएँ। ©नीतिश तिवारी। ये भी पढ़िए:  कितने राम आएँगे। ये भी देखिए।

ये घड़ी है सुखद मिलन की।

Pic credit : Pinterest. सम्बन्ध विच्छेद करोगे तुम तो प्रेम प्रगाढ़ कैसे होगा। पूनम की रात आ गयी है ये जिस्म  एक जान कैसे होगा। तुम्हें जो भी शिकायत है उसे टाल दो थोड़ी देर को। ये शब आज बर्बाद ना करो रुक जाने दो घड़ी के फेर को। हठ लगाए बैठे हो ना जाने कौन सी ज़ुल्म-ओ-सितम की मैं उसे भी सुन लूँगा पर ये घड़ी है सुखद मिलन की। कितनी सदियाँ बीत गयी उसके बाद तो आये हो नखरे भी तेरे सह लूँगा क्योंकि तुम ही  रूह में समाये हो। ©नीतिश तिवारी।

उसे पा लूँगा एक दिन।

Pic credit: Pinterest. मोहब्बत मेरी अधूरी है तो क्या, अभी खत्म तो नहीं हुई, साँस बाकी है अभी उसमें, अभी वो दफ़्न तो नहीं हुई, उसे पा ही लूँगा एक दिन इतना यकीन है मुझे, अभी तो कुछ शब्द लिखे हैं, अभी ये गीत नज़्म तो नहीं हुई। Mohabbat meri adhoori hai toh kya, abhi khatm to nahi huyi, Saans baki hai abhi usmen, abhi wo dafn toh nahin huyi, Use paa hi lunga ek din itna yakin hai mujhe, Abhi toh kuch shabd likhe hain, abhi ye geet nazm toh nahin huyi. ©नीतिश तिवारी। ye bhi dekhiye.

Jab Ishq hua tumse.

Pic credit: Pinterest. मैं इश्क़ करके तुमसे किस्से  बनाना चाहता था। पर इश्क़ हुआ जब तुमसे तुम तो कहानी बन गयी। Main ishq karke Tumse kisse Banana chata tha. Par ishq hua Jab tumse Tum toh kahani Ban gayi. ©नीतिश तिवारी। ye bhi padhiye:  इंद्रधनुष बन जाओगे क्या!

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