मैं किसी के साँसों का तलबगार नही होता, मैं किसी के मोहब्बत में बीमार नही होता, यह सोचकर की मेरी ज़िंदगी बची है थोड़ी, मैं किसी के …
Read moreमुझको तेरी बातों से , अब तो डर नहीं लगता है , जब -जब बढ़ती ये तन्हाई , सब कुछ अच्छा लगता है. सब ने मुझको समझाया , इसके चक्कर में…
Read moreउस गुज़रे हुए लम्हे में जी रहा हूँ, जो तूने दिया दर्द वही सह रहा हूँ. ये कैसी जुदाई ये कैसा ज़माना, हक़ीकत में हो तुम या हो कोई फसा…
Read moreमेरे ख्वाब रंगीन थे,ये हालत तो नही, तेरा शबाब हसीन था,ये शराब तो नही. तेरी चौखट पर मर मिटने को दिल बेताब था, पर इस ज़ालिम दुनिया न…
Read morehimanshu...my youngest brother. dewesh....my younger brother. ..and ..its me.
Read moreबड़ी फुर्सत से वो रंग जमा गए , बरसों बाद मुझे वो अंग लगा गए। धड़कन का सुरूर जब दिल में चढ़ जाता है , तेरे आने कि खुशबू से मेरा मन सँवर …
Read moreकौन कहता है इस दिल में तेरे निशान नही है, शीशे के घर तो बहुत हैं पर पक्के मकान नही हैं, …
Read moreकोई शब्द मिले, कोई राग छिड़े, तो मैं लिखूं एक ग़ज़ल। मोहब्बत फिर से हो, इबादत फिर से हो, तो मैं लिखूं एक ग़ज़ल। फ़िज़ाये फिर …
Read moreजलती हुई राख भी कम पड़ जाती है, जब तेरे दर्द की चुभन दिल को छू जाती है, और मैं तलाश करता हूँ उस साहिल को, पर हर बार ये दरिया धोखा दे जात…
Read moreउस आवारगी को भुलाने से पहले , तेरी दीवानगी को मिटाने से पहले , हमने तेरा दिल निकाल दिया , अपना दिल जल जाने से पहले। …
Read moreTwo line shayari अब तो कूबूल कर ले चिराग -ए -मोहब्बत, ला तेरे नाम का एक दिया जला दूं। इस शायरी का भी क्या खूब सिला मिलता है, हमारे…
Read moreवैधानिक चेतावनी: धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. लगा है मेरे दिल पे बट्टा आज जला लूँ मैं एक …
Read moreइस दर्द-ए-इश्क में तन्हाई का आलम तो देखिए, आजकल चेरापूंजी में भी रेगिस्तान नज़र आता है. …
Read moreकहीं खो ना जाये मुझमें तेरा वज़ूद , अपने दिल कि हसरतों को सम्भाल कर रखना। कहीं बन ना जाए एक नया अफ़साना , अपनी इन अदाओं को छिपा क…
Read moreला तेरे मोहब्बत का हिसाब लिख दूँ , लोग कहते हैं कि शायरी में वज़न नहीं है। …
Read moreबहुत बंदिशें हैं ज़माने की, फिर भी बेताब हूँ तेरे दीदार को. क्यूँ ना साथ मिले अब तेरा, जब हम छोड़ आए अपने घर-बार को. पलके झुकाए खड़…
Read moreमर्ज़ी उसकी थी,इरादा मेरा था, पर्दे उसके थे, दरवाज़ा मेरा था. ख्वाब मेरे थे,सच उसके हुए, अल्फ़ाज़ मेरे थे,ग़ज़ल उसके हुए. …
Read moreजरुरत थी या मजबूरी , जो तुमने निभायी ये दूरी। दस्तूर तुम्हारा ऐसा था , मैं चाँद कि आस में जगा था। एक छोटी सी नादानी थी , जो…
Read moreTwo line shayari तेरे शहर का मिज़ाज़ देखा , लोग बदनाम हैं एक नाम के खातिर। उन परिंदो के पैर अब तक भटकते है , शायद उनका आशियाना अब भी …
Read moreउस टूटे हुए शीशे की औकात क्या, खुद को देखने के लिए तेरा चेहरा ही काफ़ी है. उस बिखरे हुए पत्ते की बिसात क्या, खुद …
Read moreआप सभी को मेरे ब्लॉग की पहली वर्षगाँठ और नववर्ष की हार्दिक शुभकामना. नववर्ष मंगलमय हो. आज मेरे ब्लॉग को एक…
Read moreअब भी आरजू है तुझे सँवरने की, पर वक़्त को आदत नही है ठहरने की , अब भी चाहत है मेरी तड़पने की , तेरी हर एक साँसों में महकने की, …
Read moreThis month was so hectic and stressful because I was busy in semester examination ...thank God its ended today. Now, no more classes and …
Read moreआज फिर खयाल आया कि कुछ पैगाम लिखूँ , लब पर तेरा नाम लिखूँ या तुझे अपनी जान लिखूँ। आज फिर खयाल आया कि कुछ सौगात लिखूँ , नींदों में ब…
Read moreTwo line shayari काबिल-ए-तारीफ थी तेरी वफ़ा-ए-मोहब्बत, सबको आबाद करके हमे बर्बाद किया. मत पूछो मुझसे तरकीब आज़मान…
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