सुनों, नया साल शुरू हो गया है। अब फिर से तुम मेरी ज़िंदगी को उदासियों से लबरेज़ करके अपनी हसीन दुनिया में खो जाओगी। और…
Read moreकल रात मैंने सोंचा तुम्हें अपनी शायरी में लिख देता हूँ पर जब लिखने बैठा तुम तो ग़ज़ल बन गयी। अपनी डायरी में तुम्हारा न…
Read moreआ जाओ मेरे साथ, अंधेरा रास्ता है तो क्या, तुम्हारी चमक तो बरकरार है. पता है? मुझे जमाने से कभी, शिकायत ना रही, कि क्या मिला और …
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