Wednesday, October 28, 2020

हमरा पर भरोसा काहे नइखे।




हमरा पर भरोसा काहे नइखे।

सुना ऐ माई,
हमरा पर भरोसा काहे नइखे,
तोहार बेटा हउवे क़ाबिल, क़ाबिल,
मत तू समझ एकरा जाहिल, जाहिल।

सुना ऐ माई
हमरा पे भरोसा काहे नइखे।

साहित्य बा एकरा ख़ातिर वंदन, वंदन।
करेला सबके मनोरंजन, मनोरंजन
एक दिन कमाई खूब पईसा, पईसा,
रही स्टार के जईसा जईसा।

©नीतिश तिवारी।


 

Wednesday, October 21, 2020

तुम्हें हमेशा के लिए भुला दिया।

 

Pic credit : Twitter.





बात करने से ही तो बात होती है,
तुम आना इधर फिर मुलाक़ात होती है,
इंतज़ार करते करते एक अरसा बीत गया,
क्या ऐसी ही मोहब्बत की सौगात होती है।

Baat karne se hi toh baat hoti hai,
Tum aana idhar phir mulaqat hoti hai,
Intzaar karte karte ek arsa beet gaya,
Kya aisi hi mohbbat ki saugaat hoti hai.

दर्द के बिस्तर पर,
गम की चादर ओढ़कर,
तुम्हारे बेवफ़ाई के तेवर को सुला दिया,
कल चाँदनी रात में,
चाँद का दीदार करके,
तुम्हें हमेशा के लिए भुला दिया।

Dard ke bistar par,
Gham ki chadar odhkar,
Tumhre bewfai ke tewar ko sula diya,
Kal chandni raat mein,
Chaand ka didaar karke,
Tumhen humesha ke liye bhulaa diya.

©नीतिश तिवारी।


Sunday, October 18, 2020

मुफ़्त की सलाह देने वालों के लिए एक सलाह।







आपके भी लाइफ में मुफ़्त की सलाह देने वाले लोग आपसे टकरा ही जाते होंगे। 
जैसे मैं आपको बताता हूँ । 
बचपन में: 
आंटी जी- "बेटा जब देखो तब तुम लड्डू ही खाते रहते हो, बड़े होने पर डॉयबिटीज हो जाएगा।"
मैंने कहा, " आँटीजी सुनिए, हमारे पिताजी ला रहे हैं तो हम लड्डू खा रहे हैं।  अब आप चिंटू को लड्डू नहीं खिला रहीं और अभी से डायबिटीज के दवाई का खर्चा बचा रही हैं तो हम क्या करें।"

वही आँटीजी कुछ दिन बाद:
"बेटा घर में चीनी है? लाओ एक ग्लास दे दो जरा, चिंटू के पापा के लिए चाय बनानी है।"
हमने भी तपाक से जवाब दे दिया, "क्यों आँटीजी, उस दिन तो आप मुझे लड्डू खाने पर बहुत ज्ञान दे रहीं थी। अब कहाँ चला गया आपका डायबिटीज?"
"अरे बेटा चाय तो बनानी ही पड़ेगी नहीं तो चिंटू के पापा को डायबिटीज तो बाद में होगा, उससे पहले उनके चिल्लाने से हार्ट अटैक मुझे जरूर हो जाएगा।"

बचपन खत्म होने के बाद कॉलेज में :
दोस्त: "यार, तेरी कोई गर्लफ्रैंड भी नहीं है, मैं तो खूब  मस्ती करता हूँ। लड़कियों को घुमाना, पिक्चर दिखाना और..."
मैंने कहा, " अबे कौन से शास्त्र में लिखा है कि कॉलेज में गर्लफ्रैंड होनी जरूरी है और तू क्या हार्दिक पांड्या का छोटा भाई है जो इतनी सारी लड़कियाँ घुमाता है।"

कुछ साल बाद:
दोस्त- "तिवारी जी, अपनी शादी में नहीं बुलाये हमें?"
"अबे हम खुदे घर से बाहर रहते हैं, घरवालों ने हमें हमारी शादी में बुलाया था, हम तुम्हें कैसे बुलाते।
रिसेप्शन में तो बुलाये थे तुमको, तुम आये ही नहीं बहाना बना दिया कि कुछ शांतिदूतों ने ट्रेन की पटरी उखाड़ दी है। वो तो मैंने बाद में न्यूज़ देखा तो पता चला कि तुम सही कह रहे थे।"

कुछ साल बाद वही दोस्त:
"तिवारी जी, शादी के दो साल हो गए कहीं हनीमून पर नहीं गए?"
"काहे जाएँ बे, तुमने 5 लाख गूगल पे कर दिया है क्या? और बोल तो ऐसे रहे हो जैसे कि तुम अपने हनीमून पर स्विट्जरलैंड गए थे। गाँव के ट्यूबवेल के फोटो को एडिट करके स्वीमिंग पूल लिखने वाले ,तुम तो चुप ही रहो।"

बचपन से जवानी तक के कुछ मुफ़्त की सलाह देने वालों का जिक्र मैंने किया। अभी बुढापा आया नहीं है , जब बुढापा आएगा तो उसकी भी बात कहूँगा। बाकी एक बात कहना है कि " बचपन में एकांत से प्रेम था, जवानी में तन्हाई से मोहब्बत हो गयी, कहीं ऐसा ना हो कि बुढापा अज्ञातवास में गुजर जाए।"

धन्यवाद!!!

©नीतिश तिवारी।





 

Friday, October 16, 2020

तुम आग नहीं बनना अबकी बार, मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा।

Pic credit: Google.




तुमने खामोशी इख़्तियार करने को कहा था, 
मैं गीत नहीं गाऊँगा,
तुम्हारी यादें सिरहाने पर दस्तक देती हैं, 
मैं तुम बिन नहीं सो पाऊँगा,

मोम का दिल था मेरा, 
 इसलिए ये जलकर पिघल गया ,

  तुम आग नहीं बनना अबकी बार,
 मैं पत्थर दिल बन जाऊँगा। 

Tumne khamoshi ikhtiyaar karne ko kaha tha, main geet nahi gaunga,
Tumahri yaden sirhane par dastak deti hain, main tum bin nahi so paunga,
Mom ka dil tha mera, isliye ye jalkar pighal gaya,
Tum aag nahi banna abki baar, main pathar dil ban jaunga.

©नीतिश तिवारी।


 

Sunday, October 11, 2020

शाम को सहर कर गयी है।

                        Pic credit: Google.




जहरीले इश्क़ की दवा थोड़ी असर कर गयी है,

अजीब दुआ थी उसकी जो शाम को सहर कर गयी है,

रात भर करती रही वो सज़दा मुझसे बिछड़ने की,

सुबह खबर आई कि मेरी फाँसी मुकर्रर हो गयी है।


Zahreele ishq ki dawa thodi asar kar gayi hai,

Ajeeb duwa thi uski jo shaam ko sahar kar gayi hai,

Raat bhar karti rahi wo sazda mujhse bichchdne ki,

Subah khabar aayi ki meri fansi mukarr ho gayi hai.


©नीतिश तिवारी।




 

Thursday, October 8, 2020

बेटा या बेटी --समाज की सच्चाई।

Pic credit : pinterest.




घरवाले परेशान हैं उनकी तबियत देखकर,
लोग मिलने आ रहे हैं उनकी हैसियत देखकर,
बेटी होती तो आज रोने लगती बाप के हश्र पर,
बेटे ने आने से मना कर दिया वसीयत देखकर।

Gharwale pareshaan hain unki tabiyat dekhkar,
Log milne aa rahe hain unki haisiyat dekhkar,
Beti hoti toh aaj rone lagti baap ke hasrr par,
Bete ne aane se mana kar diya wasiyat dekhkar.

©नीतिश तिवारी।


 

Saturday, October 3, 2020

गाँव की लड़कियों में भी अजीब चलन का दौर है।

Pic credit: pinterest.




सुनहरी यादें दिल में बसर कर जाती हैं,
महबूब शायराना हो तो शायरी असर कर जाती है,
गाँव की लड़कियों में अजीब चलन का दौर है,
पानी भरने भी वो खूब  सँवर कर जाती हैं।

Sunahari yaden dil mein basar kar jaati hain,
Mehboob shayarana ho toh shayari asar kar jaati hai,
Gaon ki ladkiyon mein bhi ajeeb chalan ka daur hai,
Paani bharne bhi wo khoob sanwar kar jaati hai.

©नीतिश तिवारी।