Shayari gazal poetry story
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स्याही को अपना बनाया,
शब्दों को हमराही,
तब जाकर निकली है,
अच्छी भली एक शायरी।

काव्य में उपजे भाव को,
सम्मान देता है रचयिता,
तब जाकर बनती है,
सुंदर सी एक कविता।

मोहब्बत में पड़ती है,
जब जब कोई खलल,
बना लेते हैं हम भी,
दर्द भरी एक ग़ज़ल।

सबके पास होता है,
कहने को कुछ जवानी में,
फिर किरदार उभरकर आते हैं,
उस शख्स की कहानी में।

©नीतिश तिवारी।