आज उनसे एक मुलाक़ात होने वाली है,
जो अधूरी रह गयी थी, वो बात होने वाली है.

चाँद, तारे  सब आ जाओ गवाह बनने,
फिर से वो चाँदनी रात होने वाली है. 

इश्क़ में डूब जाने का लंबा  इंतज़ार किया है मैंने,
अपने महबूब से मोहब्बत की शुरुआत होने वाली है.

भींग जाऊँगा मैं  उन्हें आगोश में लेकर,
आज मोहब्बत की नयी बरसात होने वाली है. 


©नीतिश तिवारी।