आपके जाने से भारतीय सिनेमा को अपूरणीय क्षति हुई है।
 कुछ पंक्तियाँ।

अब नहीं महकेगी चाँदनी कभी,
कौन MR INDIA के लिए बेताब होगा,
आपके जाने से हम सब को लगा है सदमा।
एक लम्हे में जिंदगी चली गयी,
ये जुदाई बहुत दुखदायी है।

नमन।
©नीतिश तिवारी।