चाहतों की दुनियाँ में मोहब्बत का दीवाना हूँ मैं,
इस जलती बस्ती में अकेला बचा आशियाना हूँ मैं,
तेरे दिल की दुनियाँ का सबसे कीमती खज़ाना हूँ मैं,
तुम जो कह ना पायी उन होठों का फ़साना हूँ मैं।

©नीतिश तिवारी।