Saturday, 21 March 2015

जुल्फों के नज़ारे बहुत हैं.















आसमाँ में तारे बहुत हैं,
मेरे लिए सहारे बहुत हैं.
तुझे क्या खबर ओ ज़ालिम,
तेरी जुल्फों के नज़ारे बहुत हैं. 


©नीतीश तिवारी 

Sunday, 15 March 2015

बैठा है एक पहरेदार.















अब और नहीं कर सकता मैं इंतज़ार ,
क्यूंकि मुझे हो गया है तुझसे प्यार,
तुम भी आ जाओ कर लो इकरार ,
नहीं तो फिर से आ जायेगा वो इतवार। 

दुनिया मुझे कहती है मोहब्बत में बीमार,
क्यूंकि साथ मिला है तेरा मुझे बेशुमार ,
तेरे दरवाज़े पे बैठा है एक पहरेदार,
हम कैसे जा पाएंगे छोड़कर घर-बार। 

© नीतीश तिवारी 

Tuesday, 10 March 2015

हालात


पत्ते बिखर गये हैं,
आओ इनको समेट लें,
हुनर निखर गये हैं,
आओ इनको सहेज लें.

रिश्ते बिगड़ गये हैं,
आओं इनको बना लें.
अपने बिछड़ गये हैं,
आओ इनको मना लें.

©नीतीश तिवारी 

Thursday, 5 March 2015

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ। Happy Holi.

Happy Holi


                        खुशियों की बहार है,
                        रंगों की बौछार है,
                        फिर से आया ,
                        होली का त्योहार है.

                        नये नये पकवान हैं,
                        आए घर मेहमान हैं,
                        मिलकर खुशियाँ बाँट रहे,
                        पूरा सब इंतज़ाम है.



                      ©नीतीश तिवारी ।