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Showing posts from October, 2014

और तुम भी हो.

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आज कयामत की रात है, और तुम भी हो. आज बग़ावत वाली बात है, और तुम भी हो. आज उलझे हुए ज़ज्बात हैं, और तुम भी हो. आज बिखरे से हालात हैं, और तुम भी हो. आज मौसम में बहार है, और तुम भी हो. आज साँसों में खुमार है, और तुम भी हो. आज कोयल करती पुकार है, और तुम भी हो. आज फिर से इतवार है, और तुम भी हो. आज देश में फैला भ्रष्टाचार है, और तुम भी हो. फिर भी हम बेरोज़गार हैं, और तुम भी हो. nitish tiwary.

motivational shayri.

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manzil to milegi khud hi sahi, raasta to tumhe hi banana padega, pure honge armaan sare tere, ummed ki kiran jagana padega. raah mein honge tere kai mushkil, par unse guzar kar jana padega, dil jo bhatkega tera idhar se udhar, is pagal dil ko samjhana padega, kar guzarne ki chahat agar kuchh hai tujhme, aasma se bhi tare salami denge, gar kuchh na haasil huaa tujhse zindgi mein, to har pal log tumhe badnaami denge. everyours nitish tiwary.

वो कयामत थी या...

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घर से बाहर जब मैं धूप में  निकला, सारा खजाना उसकी संदूक में निकला, कहता फिरता था की मैं पाक साफ हूँ, दुनिया का सबसे बड़ा रसूख वो निकला. ना मोहब्बत थी ना मैने होने दी, फिर भी उसकी नज़र में शरीफ ना निकला, वो कयामत थी या ना जाने खुदा, हर चेहरा उसकी उम्मीद में निकला . नीतीश तिवारी

बुराई पर अच्छाई की जीत -दशहरा

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पूरे देश में दशहरा व दुर्गा पूजा का पर्व हर्षौल्लास के साथ मनाया जा रहा है. मेरे गाँव में भी हमेशा की तरह माँ दुर्गा का भव्य पंडाल लगा है और दुर्गा माँ की आराधना हो रही है.करीब दस साल बाद दुर्गा पूजा के समय घर पर हूँ, पुरानी यादें ताज़ा हो गयी हैं जब दशहरा के दिन हमलोग बचपन में नये नये कपड़े पहनते थे और मिठाई खाने के लिए घर के सभी बड़े लोग रुपय देते थे. दशहरा व दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है. इसी दिन प्रभु श्रीराम ने रावण को मारकर लंका पर विजय प्राप्त की थी. माँ दुर्गा ने महिसासुर राक्षस को मारकर लोगों का क्ल्याण किया था. उस समय तो सत्य की जीत हुई थी और धर्म की स्थापना हुई थी.  लेकिन क्या वर्तमान समय में ऐसा कुछ हो रहा है? शायद नही. चारो तरफ   भ्रष्टाचार  और लूट मचा हुआ है .  आज हमारे   समाज में एक नही कई महिसासुर और रावण है जो समाज को अपने गंदे विचारों से खोखला करने पर तुले हुए है.जो  लोग  महिलाओं और बूढ़े लोगों का सम्मान नही करते वही आज ढोंगी बनकर बैठे हुए हैं हमारे देश में आज कई ऐसे बाबा और नेता हैं जो अपने अंदर कई बुराई का संग्रह्न किए हुए है

हमें बदनाम कर दिया.

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उसे अपनी शायरी में वजन लाना था, इसलिए उस बेवफा ने हमें सरेआम कर दिया, लोग पूछते रहते थे मोहब्बत की दास्तान, आज मेरी मोहब्बत को उसने नीलाम कर दिया. इसे बेबसी कहें या कहें कोई सितम, मैने अपना घर बार भी उसके नाम कर दिया, और सारे शहर में चर्चा है हमारी, इस कदर उसने हमें बदनाम कर दिया. नीतीश तिवारी