कोई रूठे कैसे ,
कोई मनाए कैसे ,
कोई बिछड़े कैसे ,
कोई भुलाए कैसे। 

एक प्यारी सी हँसी ,
एक नाज़ुक सी अदा ,
एक भोला सा चेहरा ,
एक चाँद सा मुखड़ा। 

कोई छुपाए कैसे ,
कोई दिखाए कैसे ,
तेरे गीत ग़ज़ल के ,
कोई गुनगुनाए कैसे। 

एक माटी कि मूरत ,
एक भोली सी सूरत ,
एक नन्ही सी गुड़िया ,
एक सोने कि चिड़िया। 

कोई आजमाए कैसे ,
कोई सताए कैसे ,
अपने दिल कि बात ,
कोई  बताए कैसे।