Two line shayari तेरे शहर का मिज़ाज़ देखा , लोग बदनाम हैं एक नाम के खातिर। उन परिंदो के पैर अब तक भटकते है , शायद उनका आशियाना अब भी …
Read moreउस टूटे हुए शीशे की औकात क्या, खुद को देखने के लिए तेरा चेहरा ही काफ़ी है. उस बिखरे हुए पत्ते की बिसात क्या, खुद …
Read moreआप सभी को मेरे ब्लॉग की पहली वर्षगाँठ और नववर्ष की हार्दिक शुभकामना. नववर्ष मंगलमय हो. आज मेरे ब्लॉग को एक…
Read moreअब भी आरजू है तुझे सँवरने की, पर वक़्त को आदत नही है ठहरने की , अब भी चाहत है मेरी तड़पने की , तेरी हर एक साँसों में महकने की, …
Read moreThis month was so hectic and stressful because I was busy in semester examination ...thank God its ended today. Now, no more classes and …
Read moreआज फिर खयाल आया कि कुछ पैगाम लिखूँ , लब पर तेरा नाम लिखूँ या तुझे अपनी जान लिखूँ। आज फिर खयाल आया कि कुछ सौगात लिखूँ , नींदों में ब…
Read moreTwo line shayari काबिल-ए-तारीफ थी तेरी वफ़ा-ए-मोहब्बत, सबको आबाद करके हमे बर्बाद किया. मत पूछो मुझसे तरकीब आज़मान…
Read moreकोई रूठे कैसे , कोई मनाए कैसे , कोई बिछड़े कैसे , कोई भुलाए कैसे। एक प्यारी सी हँसी , एक नाज़ुक सी अदा , एक भोला सा चेहरा , एक च…
Read moreपहले हिमाकत की थी, अब फरियाद करता हूँ, जा तुझे मैं अब इस, पिंजरे से आज़ाद करता हूँ, उन आँखों में मत बसना , जो गंगा यमुना बहाती …
Read moreTwo line मत छीन सुकून मेरा इन आँखों से, तेरे दीदार का सिर्फ़ ये ही एक सहारा है . अगर अंज़ाम की फ़िक्र होती तो मोहब्बत ना करते, ह…
Read moreभटकते राहों में भी मंज़िल की तलाश रहती है. सूखे दरिया में भी एक पानी की प्यास रहती है. सूनी गलियों में भी उसके आने की आस रहती …
Read moreतुम जो बसे परदेश पिया, मैं हूँ अपने देश पिया, जब याद तुम्हारी आती है, मेरे जिया को तड़पाती है . तेरे नाम की खुश्बू जब-जब, मेरे …
Read morePic credit: Google. Two line shayari हमें आदत थी पत्थर के मकानों में ठहरने की, कभी एहसास ही नहीं हुआ कि दिल सीसे का बना है। हमारी मोहब्बत का …
Read moreजब चाँद छुप जाता है बादल में, तब तेरे चहरे की चमक देती है रौशनी। जब रात गुजरती है तेरी बाँहों में, तब तेरे बदन कि खुशबू देत…
Read moreतूफानों में भी एक मंज़र याद रहता है, इन आँसूओं का समंदर साथ रहता है। उभरते हुए इन ज़ख्मों के साथ , तेरा दिया हुआ हर सितम याद …
Read moreTwo line shayari मचलता है जिस्म तो मिलता है रूह को सुकून, इश्क़ वो दरिया है जिसमे गोते लगाते हैं सभी। हर बार चला देता है वो अपने तरकश का ती…
Read moreकल मैं दीवाली की छुट्टी में अपने घर daltonganj (jharkhand)जा रहा हूँ इसलिए आप सभी से कुछ दिनो तक मुखातिब नही हो पाऊँगा. काफ़ी लंबे अंतर…
Read moreदेना चाहता था मैं तुझे एक गुलाब, किया तूने इनकार और हुए हम बेनकाब, चाहत थी मेरी ओढ़ लेता मैं तेरा शबाब, पर अब मयखाने में बैठकर…
Read moreमेरे दिल की तिजोरी में बैठकर वो, चुरा लेता है मेरी साँसों को हर रोज़. कभी सुर्ख आँखों में पानी देते हैं, कभी अपने प्यार में नीलामी…
Read moreयाद आती है मुझे वो पूस की रात , जो गवाह थी , हम दोनों के मिलन की। मैं था ,तुम थी , और फलक पे था चाँद , अपनी गरिमा बि…
Read moreअश्क के हर एक बूँद को मोती बनाना चाहता हूँ, दर्द भरे अपने ज़ख़्मों को अब हटाना चाहता हूँ. ये जानते हैं हम की पास नही कोई दरिया, इस रूह …
Read morePic credit: Google. आज फिर आया है मौसम प्यार का, ना जाने कब होगा दीदार चाँद का, पिया मिलन की रात है ऐसी आयी , आज फिर से निखरेगा रू…
Read moreकुछ अल्फ़ाज़ लिखूँ, कुछ ज़ज़्बात लिखूँ, ना जाने क्या ख्वाब लिखूँ। अपने आँसू लिखूँ, अपनी खुशी लिखूँ, ना जाने क्या हालात ल…
Read moreबिखर रहा है ज़माना, रो रहा है मेरा प्यार, उजड़ रही है खुशियाँ, हँस रहा है अंधकार. हर तस्वीर हुई धुँधली, हर तकदीर हुई पुरानी, द…
Read moreहर शाख पे बैठी थी उम्मीदें पैर पसार, कब टूट गयी वो डाली पता ही ना चला. Har shaakh pe baithi thi ummiden pair pasar, Kab toot gayi w…
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