Sunday, 20 January 2019

तुम पास रहो तो...




नयनों की भाषा दिल को समझ में आती है,
तुम पास रहो तो हवा भी रुक कर जाती है।

खुले आसमान में बादल को देखता रहता हूँ,
तुम पास रहो तो मोहब्ब्त की बारिश होती है।

जमाने का डर नहीं ना लोगों की परवाह मुझे,
तुम पास रहो तो मेरी ज़िन्दगी संवर जाती है।

©नीतिश तिवारी।


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