Sunday, 7 October 2018

मुलाक़ात होने वाली है.

























आज उनसे एक मुलाक़ात होने वाली है,
जो अधूरी रह गयी थी, वो बात होने वाली है.

चाँद, तारे  सब आ जाओ गवाह बनने,
फिर से वो चाँदनी रात होने वाली है. 

इश्क़ में डूब जाने का लंबा  इंतज़ार किया है मैंने,
अपने महबूब से मोहब्बत की शुरुआत होने वाली है.

भींग जाऊँगा मैं  उन्हें आगोश में लेकर,
आज मोहबत की नयी बरसात होने वाली है. 


©नीतिश तिवारी।

4 comments:

  1. बहुत खूब ...
    इस मुलाक़ात और प्रेम का एहसास करने ये प्राकृति तो है न ...
    वो और आपके शब्द गवाह रहेंगे ... लाजवाब ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद।

      Delete
  2. Your lines are are very good, wonderful convert your line book form with Online book publisher in India

    ReplyDelete