Tuesday, 21 August 2018

इश्क़ के चर्चे।
























तुम्हारे हिस्से के इश्क़ को मैं दफना चुका हूँ,
अब नए महबूब को मैं अपना चुका हूँ।
पुराने इश्क़ को सरेआम करने की धमकी मत दे,
अपने महबूब को तुम्हारे चर्चे मैं सुना चुका हूँ।

©नीतिश तिवारी।

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