Wednesday, 21 February 2018

तुम्हारी बेवफाई।























तुम्हारी बेवफाई ने एक बात तो सीखा दिया,
कि हम अंधों के शहर में आईना बेच रहे थे।
वैसे तो वक़्त ने ज़ख्म ढकने को लिबास दिया,
फिर भी अपनों की चाहत में दर बदर भटक रहे थे।

©नीतिश तिवारी।



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